Tuesday, May 5, 2009
नेपाल की समस्या
प्रचंड ने लोक तांत्रिक चुनाव में २३८ सीते जीती थी तभी निसिचित हो गया था किये सरकार कुछ कि सरकार है । विश्व समुदाय ने इसका भरपूर समर्थन किया था । लेकिन प्रचंड अपनी मो वादी मानसिकता से नही उभर सके और आरोप रास्त्रपति पर लगाने लगे कि उन्होंने लोकतान्त्रिक भावनाओं को ठेस पहुचाई है । इससे तो यही निकलता कि उल्टा चोर कोतवाल डाटें।
Tuesday, November 25, 2008
ब्लॉग बनाते समय मुझे शीर्षक को लेकर दिमाग में हलचल शुरू हुई ,अचानक दिमाग में आया
"कबाड़खाना"
लोग सोचेंगे कि शीर्षक बड़ा अजीव दिया ,लेकिन इस दुनिया में सब कुछ ast व्यस्त है ,आधुनिकता के नाम पर हम कुछ भी खाते है ,कुछ भी पहनते सकते है आधुनिक बन सकते है /एक प्रश्न यहाँ उठाता है कि क्या ये सब कबाड़ खाना नही है ? अब हम ब्लॉग पर आते है ये मेरी नजर में इस आधुनिक दुनिया के लिए सबसे achchha शीर्षक है /
"कबाड़खाना"
लोग सोचेंगे कि शीर्षक बड़ा अजीव दिया ,लेकिन इस दुनिया में सब कुछ ast व्यस्त है ,आधुनिकता के नाम पर हम कुछ भी खाते है ,कुछ भी पहनते सकते है आधुनिक बन सकते है /एक प्रश्न यहाँ उठाता है कि क्या ये सब कबाड़ खाना नही है ? अब हम ब्लॉग पर आते है ये मेरी नजर में इस आधुनिक दुनिया के लिए सबसे achchha शीर्षक है /
Subscribe to:
Posts (Atom)
